जुलार्इ 2015

त्रिपदा गायत्री एवं उसका शक्तिस्वरूप

त्रिपदा गायत्री एवं उसका शक्तिस्वरूप-पं. कैलाशचंद्र दवेपूर्व प्राध्यापक, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी"न गायत्र्याः परो मन्त्रः" स्मृतिसमुय के उपर्युक्त कथनानुसार गायत्री मन्त्र से बढकर कोर्इ अन्य मन्त्र नहीं है। वेदाध्ययन के अधिकारी त्रैवर्णिकों में सर्वप्रथम अधिकारी ब्राह्म्ण के बालक का जब यज्ञोपवीत संस्कार होता है तो उसमें आचार्य (गुरु) गायत्री मन्त्र का उपदेश करता है। गायत्री मन्त्र का उपदेश किस प्रकार करना चाहिए इस उपदेश-क्रम को पारस्करगृह्यसूत्र में निम्नलिखित रूप में बतलाया गया है-"पच्छोऽर्धर्चशः सर्वां च तृतीयेन सहाऽनुवर्तयेत्।" अर्थात् पहले त्रिपदा गायत्री के एक-एक पाद का, इसके बाद दूसरी बार आधी-आधी ॠचा-मन्त्र का तथा तीसरी बार समग्र गायत्री मन्त्र का उपदेश...

अंक विशेष

औदीच्य समाज ही नहीं राष्ट्र के गौरव
डॅा. रायबहादुर पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा 
जन्म-तत्कालीन सिरोही राज्य अंतर्गत "रोहिडा" ग्राम...
भालू चढ गया पहाड पर

अज्ञेय की रचनाओं मे उपस्थित छोटे-छोटे घटना-प्रसंग हमें भारतीय होने की याद दिलाते हैं। भारतीय आचार-विचार पर गर्व और मान की भावना से पूरते हैं। साथ ही हमारे समय और व्यवस्था के मनोविज्ञान की सटीक...

प्रतिक्रिया के विषय में
-ओम ठाकुर
जून अंक में प्रकाशित मेरे लेख 'औदीच्य बंधु को समाज का आर्इना बना रहने दें' में प्रबुद्ध पाठकों से प्रतिक्रिया आमन्त्रित करने का मेरा उद्देश्य 'औदीच्य बंधु' की द्टढता के आधार तलाशने और इसके...
विरासत कायम रहे
- जमनाशंकर ठाकुर, भोपाल

जून २०१५ के औदीच्य बंधु के अंक में श्री ओम ठाकुर ने संपादकीय कर्त्तव्य एवं दायित्व का विस्तार से विद्वतापूर्ण विवेचन करते हुए पाठकों से विचार आमंत्रित किए हैं।

औदीच्य बंधु एक प्रज्ञावान...
- माया मालवेंद्र बदेका, बैंकाक
समाज का कोर्इ भी प्रबुद्ध 'औदीच्य बंधु' के जून अंक में प्रकाशित लेख के शीर्षक को पढकर उसमें छिपे गम्भीर मन्तव्य को समझ सकता है। पूरे लेख का सार इस पंक्ित...
पत्र-पत्रिकाओं की आत्मा होते हैं-सम्पादक
उद्धव जोशी
" सामाजिकों का परम कर्तव्यन है कि "औदीच्य बन्धु" को समाज का आर्इना बना रहने दें"। इस चिन्तनशील आलेख में वरेण्य श्री...
चि. असीम के विवाह में अनुकरणीय उदाहरण
श्री उल्लास ठक्कर इन्दौर एवं प्रफुल्ल ठक्कर, उज्जैन ने श्री वीरेन्द्र दवे अहमदाबाद (गांधीनगर) से निवेदन किया था कि वे अपने पुत्र चि. असीम के विवाह में पेरावनी सिर्फ मामा पक्ष की स्वीकार कर समाज...

समाचार

शोक समाचार




ज्ञातव्य


सुयश

नवीन संरक्षक सदस्य

  • श्री जगदीश प्रसाद उपाध्याय
    श्री जगदीश प्रसाद उपाध्याय ने पिता स्व. सेठ खेमराजजी के प्रथम पुण्य स्मृति दिवस पर औदीच्य बंधु की संरक्षक सदस्यता...
  • श्री अनिल दवे
    ग्रेसिम नागदा में कार्यरत उैन निवासी श्री र्इशान दवे बी.र्इ., एम.टेक, सुपुत्र श्री अनिल दवे एम.पी.इ.बी. उज्जैन ने 'औदीच्य बंधु'...
  • पं.श्री राकेशचन्द्र रावल
    पं. राकेश चन्द्र पिता पुरूषोत्तम जी रावल उज्जैन वर्तमान में कार्यालय कलेक्टर भू अभिलेख शाखा उज्जैन में ड्रफ्टमेन के पद...
  • श्री राजीव कुमार पण्डया
    श्री राजीव कुमार पण्ड्या पिता सत्यनारायण पण्ड्या निवासी उैन, एम.काम की प्रथम नियुक्ति १९९२ में शिक्षा विभाग में हुर्इ थी।...
  • श्री महेन्द्रप्रसाद व्यास
    श्री महेन्द्रप्रसाद व्यास पिता स्व. मंगलाकान्त जी व्यास निवासी आमला पटेल कालोनी सरदारपुर जिला धार अपनी सकारात्मक सोच एवं कार्य...
  • महेशकुमार भारद्वाज
    कोटा निवासी महेशकुमार भारद्वाज ने बंधु की संरक्षक सदस्यता ग्रहण की है। आपका जन्म ३१ अक्टूबर १९६२ को श्री कान्तिचन्द्र...

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