चि. असीम के विवाह में अनुकरणीय उदाहरण

श्री उल्लास ठक्कर इन्दौर एवं प्रफुल्ल ठक्कर, उज्जैन ने श्री वीरेन्द्र

दवे अहमदाबाद (गांधीनगर) से निवेदन किया था कि वे अपने पुत्र चि. असीम के

विवाह में पेरावनी सिर्फ मामा पक्ष की स्वीकार कर समाज में उदाहरण प्रस्तुत

करें। श्री दवे ने इस सुझाव को सहर्ष स्वीकार कर तत्काल अपने संबंधियों को

वाट्सअप पर सूचना देते हुए निवेदन किया कि चि. असीम के विवाह में पेरावनी

केवल मामा पक्ष की स्वीकार की जाएगी। सभी संबंधियों एवं समाजजन ने इस

निर्णय का स्वागत करते हुए दवेजी को बधार्इ दी। 'औदीच्य बंधु' इस प्रकार के

विचार और संकल्प के लिए श्री ठक्करद्वय सहित श्री वीरेन्द्र दवे का

अभिनन्दन करता है।




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