औदीच्य समाज नागदा का वार्षिक समारोह










औदीच्यों की श्रेष्ठता पुराण सम्मत है-
नागदा औदीच्य अन्य ब्राह्म्णों की अपेक्षा श्रेष्ठ एवं पूज्य माने जाते रहे हैं। उदीच्य ॠषि श्रोत्रिय एवं शास्त्रों के पारगामी विद्वान होने से प्रतिष्ठा के अधिकारी रहे हैं। यज्ञ सम्पन्न करना और करवाना, दान देना एवं लेना, विद्यादान एवं विद्याध्ययन- ये संस्कारवान ब्राह्म्णों के लक्षण रहे हैं। औदीच्य ब्राह्म्णों की उत्पत्ति एवं इतिहास को संक्षेप में अतिरोचक ढंग से वर्णित करते हुए ये विचार औदीच्य समाज, नागदा के वार्षिक उत्सव में सम्मान समारोह पर अध्यक्षता करते हुए खाचरौद के औदीच्य विद्वान श्री श्यामसुन्दर भट्ट ने व्यक्त किए।



मुख्य अतिथि पद से उज्जैन ग्रामीण के अध्यक्ष श्री सत्यनारायण पटेल ने समाजजन से एकजुट होकर सामयिक समस्याओं के निदान हेतु रचनात्मक सहयोग का आह्वान किया। सर्वश्री श्यामसुन्दर पंड्या सुन्दराबाद, मोहनलाल जोशी भैंसला, गजेन्द्र रावल बडनगर भेरूलाल पंड्या ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अतिथियों के अतिरिक्त नागदा इकार्इ से मोहनलाल उपाध्याय (डेडी) रवीन्द्रकुमार व्यास, चन्द्रमोहन शर्मा, श्रीमती ब्रजबाला दवे, श्रीमती उषादेवी त्रिवेदी का भी सम्मान किया गया। श्री वासुदेव रावल बाडकुमेद, श्रीमती निर्मला रावल ने कार्यक्रम को सम्बोधित किया।

समाज अध्यक्ष श्री चन्द्रशेखर दवे ने स्वागत-उद्बोधन, श्री घनश्याम दवे (कोषाध्यक्ष एवं स्वागत समिति अध्यक्ष) ने वार्षिक आय-व्यय का लेखा प्रस्तुत किया। तद्नुसार जमा पूंजी ३ लाख दर्शायी। श्री र्इश्वरलाल जोशी (रुपेटा) को समाज का ट्रस्टी मनोनीत किया गया। यह निर्णय लिया गया कि दिवंगत ट्रस्टी के परिजनों को नए ट्रस्टी के रूप में प्राथमिकता दी जाए, किन्तु शुल्क के रूप में कम से कम ५१०० रु. देना अनिवार्य होगा।

निम्नलिखित समाज जनों ने धर्मशाला विस्तार के लिए राशि प्रदान की- श्री श्यामसुन्दर पण्ड्या सुन्दराबाद, मोहनलाल त्रिवेदी, नीरज मेहता प्रत्येक २१०० रु. रामचन्द्र त्रिवेदी मुखिया २००० , श्री मांगीलाल पाठक लबायचा ११०० रु., श्री अशोक रावल जावरा १००० रु., श्री अशोक रावल मैलाखेडी ५०० रु.
धर्मशाला के विस्तार के लिए निम्नानुसार राशि घोषित की गर्इ-श्री चन्द्रशेखर दवे ५१०००-, श्री अरविद शिकारी, श्री प्रहलादसिह व्यास प्रत्येक ११०००-, श्रीमती प्रेमलता रावल ६०००-,श्रीमती मंजूबाला पंड्या, श्री सुभाष व्यास (सेकडी), श्री घनश्याम शर्मा मडावदा, श्री गजेन्द्र रावल, श्री चन्द्रमोहन शर्मा, श्री प्रदीप शिकारी प्रत्येक ५०००-
संस्था के पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन कवि सुन्दरलाला जोशी सूरज ने किया। आभार श्री चन्दनसिह व्यास ने माना।

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