स्मृति शेष राजज्योतिषी पं. बाबूलाल जी जोशी, रतलाम

भारतीय ज्योतिष परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय पंचांग परिषद के संयोजक व नक्षत्रलोक ज्योतिष विज्ञान शोध संस्थान के संस्थापक जाति गौरव राजज्योतिषी पं. बाबूलालजी जोशी का गत २४ मार्च को ६८ वर्ष की आयु में निधन हो गया। श्री जोशी का जन्म तत्कालीन रतलाम रियासत के राजज्योतिषी पं. श्री विनायकलाल जी जोशी के यहाँ हुआ था।
१९५८ में ११ वर्ष की आयु में रतलाम की महारानी राज्यप्रभा लक्ष्मी की प्रेरणा से ज्योतिष विद्या की ओर उन्मुख होकर अपने नानाजी (दत्तक होने के कारण बाद में पिताजी) से ज्योतिष-ज्ञान प्राप्त कर पं. सूर्यनारायण जी व्यास एवं बी.वी.रमन जी के सतत् मार्गदर्शन में रह भारतीय ज्योतिष को विज्ञान आधारित नये आयाम श्री जोशी ने प्रदान किये। उयिनी विद्वत् परिषद के सदस्य (प्रशासकीय), पतंजली विद्या परिषद भोपाल के मानद सदस्य व अटलबिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के सदस्य पद पर श्री जोशी मनोनीत थे। श्री जोशी अपने पीछे पुत्रद्वय श्री अनीश-वर्णिका जोशी, पं. अभिषेक-राधिका जोशी, पौत्र द्वय प्रखर आदित्य व तन्मय आदित्य जोशी, पौत्री आद्या जोशी, पुत्री सौ. अंकितेश्वरी-विनय त्रिवेदी जोधपुर, सौ. अमितेश्वरी-संजय त्रिवेदी मुम्बर्इ व नाती-नातिन सहित भरापूरा परिवार ही नहीं, बल्कि ज्योतिष और समाज के लिये किये गए कार्यों की एक वृहद शृंखला छोड गए हैं। श्री जोशी के निधन पर उनसे सम्बन्धित सभी संस्थाओं ने भावसुमन अर्पित किये। कृष्णचन्द्र ठाकुर रतलाम (म.प्र.)

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