पं. मोतीलालजी मेहता का बैकुण्ठवास

सागर। पं. मोतीलालजी मेहता का १८ जनवरी को निधन हो गया। अगस्त १९२८ में जन्मे पं. श्री मोतीलालजी मेहता लगभग ८८ वर्ष की आयु में भी नित्य र्इश्वराधना और भगवत दर्शनार्थ जाते थे। ४३ वर्षों तक सी.आर. माडल बहु. उतर माध्यमिक विद्यालय, सागर में आदर्श शिक्षक एवं हेडमास्टर के रूप में अपनी सेवाएं देते हुए ३० अप्रैल १९९२ को सेवा मुक्त हुए थे। जीवन के ६० वर्षों का एक बडा समय उन्होंने देवभूतेश्वर मंदिर पर ध्यान, योग एवं सेवा कार्य में गुजारा था। स्व. पं. मोतीलालजी मेहता के चार पुत्र पं. श्री रमेश मेहता (देवास), पं. श्री दिनेश मेहता (छनेरा जि. खंडवा), पं. श्री सतीष मेहता (सागर) एवं पं. श्री महेश कुमार मेहता (इंजी., इन्दौर) हैं, उनकी दो पुत्रियां बडी पुत्री श्रीमती ज्योति शर्मा (सागर) एवं छोटी पुत्री श्रीमती रजनी मेहता (गंजबासौदा) में हैं। स्व. मेहता न केवल सागर अपितु देश-विदेशों में कार्यरत लाखों विद्यार्थियों के मन मस्तिष्क में एक सच्चे गुरु के रूप में विराजमान हैं।
पिताजी जब तुम चले गये
पिताजी जब तुम चले गये...
वो खुशियों का समारोह, कहकहों की महफिल
वो सहजता, सरलता व सादगी का दर्पण
संगीत की मधुरता, ज्ञान की व्याख्या,
वो हंसी के ठहाके और मस्ती की कॅान्फ्रेन्स
खेल कर आने के बाद, वो मूँगफली के दाने,
मौसम के फल,
वो रात में कहानियां व सत्संग सुनाना और
अहसासों के अल्फाज में पिरोकर गुनगुनाना
याद आते हैंबहुत याद आते हैं।
-महेश कुमार मेहता, इन्दौर

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